ProfileBizz
Rajendra Singh
Waterman of India
"Son, give us medicine later. Give us water first. If water comes back, half our illnesses will disappear on their own." — Mangu Lal Meena
story
एक समय था जब राजस्थान के अलवर जिले का भीकमपुरा गाँव धूल, कड़कती धूप और भयंकर सूखे की मार झेल रहा था। कुएँ सूखकर पाताल जा चुके थे, खेत बंजर पड़े थे।
इसी दौरान, आयुर्वेदिक चिकित्सा की पढ़ाई पूरी करके एक नौजवान गाँव में कदम रखता है — राजेन्द्र सिंह। गाँव के एक बुजुर्ग मंगू लाल मीणा ने कहा: "बेटा, हमें बीमारियों की दवा बाद में देना, पहले हमें पानी दो।"
राजेन्द्र सिंह ने बिना देर किए अपना स्टेथोस्कोप एक तरफ रख दिया और अपने हाथों में कुदाल और फावड़ा उठा लिया। उन्होंने बुजुर्गों से "जोहड़" बनाने की पुरानी कला सीखी।
जब बारिश का मौसम आया, बारिश का बहता पानी उस जोहड़ में थमने लगा। देखते ही देखते कुएँ फिर से पानी से लबालब भर गए।
खेती लहलहा उठी, पलायन रुक गया और अलवर का वो बंजर इलाका फिर से हरा-भरा हो गया। राजेन्द्र सिंह को आज दुनिया सम्मान से "वॉटरमैन ऑफ इंडिया" के नाम से जानती है।
philosophy
पानी कोई इंजीनियरों के प्रबंधन की चीज़ नहीं है — यह एक ऐसा रिश्ता है जिसे समुदाय को निभाना होता है।