ProfileBizz
Ela Bhatt
Labour Rights Activist & Founder of SEWA
"If the work is theirs and the labor is theirs, then the right to be recognized as workers belongs to them too."
story
अहमदाबाद की तपती सड़कें, साठ और सत्तर के दशक का दौर। सब्जी बेचने वाली शांताबेन दिनभर कड़कती धूप में टोकरी सिर पर उठाए घूमती थी। शाम को जब वह कुछ पैसे कमाकर घर लौटती, तो स्थानीय साहूकार आधे से ज़्यादा पैसे ब्याज के नाम पर छीन लेता।
यह कहानी सिर्फ शांताबेन की नहीं थी। कपड़ा सिलने वाली, बीड़ी बनाने वाली और कचरा बीनने वाली लाखों अनौपचारिक महिला श्रमिकों की यही दास्तान थी। लेकिन एक महिला थी जो हर दिन इन महिलाओं के संघर्ष को करीब से देख रही थी — इला भट्ट।
पेशे से वकील और गांधीवादी विचारों से प्रेरित इला भट्ट ने तय किया कि वे इनकी आवाज़ बनेंगी। इला जी का जवाब साफ़ और निडर था: "अगर काम उनका है, मेहनत उनकी है, तो मज़दूर होने का हक़ भी उनका है।"
सत्तर के दशक की शुरुआत में इला भट्ट ने SEWA की नींव रखी। जब ये गरीब महिलाएँ सामान्य बैंकों में खाता खुलवाने गईं, तो बैंकों ने मना कर दिया। इस रुकावट ने इला जी को "SEWA सहकारी बैंक" की शुरुआत करने पर मजबूर किया।
नवंबर 2022 में नवासी वर्ष की आयु में इला भट्ट जी का निधन हो गया। आज भारत के 18 से ज़्यादा राज्यों में 25 लाख से अधिक महिलाएँ SEWA से जुड़ी हैं।
philosophy
महिला सशक्तिकरण भाषणों से नहीं आता। यह तब आता है जब महिला के हाथ में उसका अपना कमाया पैसा और बैंक खाता होता है।